मगध
- Shwetanshu Ranjan
- May 13
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"यत्र विष्णुपदं दिव्यं यत्र बुद्धस्य दर्शनम् ।
सा धरा धन्यरूपेण त्रिषु लोकेषु विश्रुता ॥"
अर्थात - "जहाँ भगवान विष्णु के चरणचिह्न हैं और जहाँ भगवान बुद्ध का दर्शन होता है, वह भूमि तीनों लोकों में धन्य मानी जाती है ।"




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